
केवल एक पुस्तक नहीं, बल्कि एक सकारात्मक सामाजिक संकल्प है।
इस पुस्तक का उद्देश्य किसी व्यक्ति, किसी जाति, किसी धर्म, किसी भाषा, किसी क्षेत्र, किसी विचारधारा या किसी संगठन की आलोचना करना नहीं है।
हमारा उद्देश्य केवल इतना है कि हम समाज के सामने यह विचार रखें कि यदि प्रत्येक बच्चे को प्रेम, शिक्षा, संस्कार, स्वास्थ्य, सुरक्षा और समान अवसर प्राप्त हों, तो भारत का भविष्य और अधिक उज्ज्वल बन सकता है।
हम किसी से यह नहीं कहेंगे कि आप गलत हैं
हम केवल यह दिखाएँगे कि—
हम और बेहतर क्या कर सकते हैं
हमारा विश्वास है कि परिवर्तन संघर्ष से नहीं, बल्कि प्रेरणा से आता है।
इस पुस्तक का प्रत्येक शब्द भारत के प्रत्येक बच्चे के सम्मान, प्रत्येक परिवार की गरिमा, प्रत्येक शिक्षक के योगदान और प्रत्येक जागरूक नागरिक की जिम्मेदारी को समर्पित है।
हम मानते हैं कि राष्ट्र निर्माण का सबसे सशक्त मार्ग बच्चों के सर्वांगीण विकास से होकर जाता है।
यदि इस पुस्तक का एक भी विचार किसी बच्चे के जीवन में आशा जगाए, किसी माता-पिता को अपने बच्चे के साथ अधिक समय बिताने के लिए प्रेरित करे, किसी शिक्षक को एक विद्यार्थी का आत्मविश्वास बढ़ाने की प्रेरणा दे, या किसी युवा को समाज के लिए सकारात्मक कार्य करने की दिशा दिखाए, तो हमारा यह प्रयास सफल माना जाएगा।
हमारा मूल मंत्र
हर बच्चे का विकास, पूरे राष्ट्र का विकास।
लेखक
प्रिय पाठक
सादर प्रणाम।
जब मैंने इस पुस्तक को लिखने का संकल्प लिया, तब मेरे मन में केवल एक ही विचार था क्या हम आने वाली पीढ़ी के लिए कुछ ऐसा छोड़ सकते हैं, जो उनके जीवन को बेहतर बनाने में सहायक हो
आज का भारत अनेक उपलब्धियों की ओर तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। विज्ञान, तकनीक, शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग, खेल और अनेक क्षेत्रों में हमारे देश ने उल्लेखनीय प्रगति की है। फिर भी एक प्रश्न आज भी हमारे सामने खड़ा है—
क्या हमारा प्रत्येक बच्चा सुरक्षित, शिक्षित, संस्कारित, स्वस्थ और आत्मविश्वासी है?**
इसी प्रश्न ने इस पुस्तक को जन्म दिया।
यह पुस्तक किसी व्यक्ति, किसी संस्था, किसी जाति, किसी धर्म, किसी भाषा, किसी क्षेत्र अथवा किसी विचारधारा के समर्थन या विरोध में नहीं लिखी गई है। इसका उद्देश्य केवल इतना है कि हम सब मिलकर यह विचार करें कि भारत
मेरा विश्वास है कि प्रत्येक बालक और प्रत्येक बालिका अपने भीतर अनंत संभावनाएँ लेकर जन्म लेते हैं। उन्हें केवल सही दिशा, प्रेम, सम्मान, शिक्षा, संस्कार, सुरक्षा और अवसर की आवश्यकता होती है। यदि परिवार उन्हें स्नेह दे, विद्यालय उन्हें ज्ञान दे, समाज उन्हें प्रेरणा दे और राष्ट्र उन्हें समान अवसर दे, तो वे केवल सफल व्यक्ति ही नहीं, बल्कि संवेदनशील और जिम्मेदार नागरिक भी बन सकते हैं।
इस पुस्तक को लिखते समय मैंने स्वयं से एक संकल्प लिया है—
मैं किसी से यह नहीं कहूँगा कि “आप गलत हैं।
मैं केवल यह दिखाने का प्रयास करूँगा कि “हम और बेहतर क्या कर सकते हैं।
मेरा विश्वास है कि समाज परिवर्तन का सबसे प्रभावी मार्ग संवाद, सहयोग और सकारात्मक सोच है। आलोचना क्षणिक प्रभाव छोड़ सकती है, पर प्रेरणा पीढ़ियों तक जीवित रहती है।
इस पुस्तक में प्रस्तुत प्रत्येक विचार का उद्देश्य किसी पर अपनी सोच थोपना नहीं है। मेरा प्रयास केवल इतना है कि पाठक स्वयं विचार करें, अपने अनुभवों से सीखें और अपने परिवार, विद्यालय तथा समाज में छोटे-छोटे सकारात्मक परिवर्तन का आरंभ करें।
मैं यह भी मानता हूँ कि किसी भी राष्ट्र की सबसे बड़ी शक्ति उसके बच्चे होते हैं। यदि बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, अच्छे संस्कार, स्वस्थ वातावरण, नैतिक मूल्य और जीवन में आगे बढ़ने के समान अवसर प्राप्त हों, तो राष्ट्र की प्रगति स्वतः सुनिश्चित हो जाती है।
इसलिए यह पुस्तक केवल बच्चों की नहीं, बल्कि माता-पिता, शिक्षकों, युवाओं, समाजसेवियों, नीति-निर्माताओं और प्रत्येक जागरूक नागरिक की भी पुस्तक है।
मैं किसी से यह अपेक्षा नहीं करता कि वह इस पुस्तक के प्रत्येक विचार से सहमत हो। मेरा विनम्र आग्रह केवल इतना है कि इसे खुले मन से पढ़ें, विचार करें और जो भी बात आपको समाज तथा बच्चों के हित में उचित लगे, उसे अपने जीवन में स्थान दें।
यदि इस पुस्तक का एक भी विचार किसी बच्चे के चेहरे पर मुस्कान ला सके, किसी माता-पिता को अपने बच्चे के साथ अधिक समय बिताने के लिए प्रेरित कर सके, किसी शिक्षक को एक विद्यार्थी का आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए प्रेरित कर सके, या किसी युवा को समाज सेवा की दिशा में एक कदम आगे बढ़ा सके, तो मैं अपने इस प्रयास को सफल मानूँगा।
आइए, हम सब मिलकर ऐसा भारत बनाने का संकल्प लें जहाँ प्रत्येक बच्चा सुरक्षित हो, शिक्षित हो, संस्कारित हो, स्वस्थ हो, आत्मविश्वासी हो और अपने सपनों को पूरा करने का समान अवसर प्राप्त करे।
क्योंकि—
बाल विकास ही राष्ट्र विकास की सबसे मजबूत नींव है
आपका सहयोगी
लक्ष्मण शर्मा
संस्थापक एवं अध्यक्ष
Bal Vikas Kalyankari Foundation