👧 बच्चों तक पहुँच
मातृ-पितृ पूजन दिवस
2019 से 2026 तक संस्कार, सम्मान, प्रतिभा और राष्ट्रभाव को बच्चों एवं परिवारों तक पहुँचाने की निरंतर यात्रा।
2019 से 2026 तक विभिन्न आयोजनों में लगभग 8 विद्यालयों के बच्चों को आमंत्रित किए जाने के आधार पर अनुमानित संचयी पहुँच।
एक कार्यक्रम से एक संस्कार आंदोलन तक
मातृ-पितृ पूजन दिवस के माध्यम से बच्चों में परिवार, संस्कार और राष्ट्र के प्रति सम्मान की भावना को बढ़ावा देने का प्रयास।
बाल विकास कल्याणकारी फाउंडेशन द्वारा मातृ-पितृ पूजन दिवस का आयोजन वर्ष 2019 से निरंतर किया जा रहा है।
इस पहल का मूल उद्देश्य बच्चों को यह समझाना है कि माता-पिता उनके जीवन के प्रथम गुरु हैं और उनका सम्मान जीवन के श्रेष्ठ संस्कारों में से एक है।
कार्यक्रम में विद्यालयों के बच्चों, अभिभावकों, शिक्षकों, अतिथियों और समाज के नागरिकों की सहभागिता रहती है।
2019 से 2026 — हमारी यात्रा
अलग-अलग स्थानों पर आयोजित मातृ-पितृ पूजन दिवस की यात्रा।
प्रथम आयोजन
बंगाली कैंप, चंद्रपुर — ललित कला भवन। यहीं से मातृ-पितृ पूजन दिवस की यात्रा प्रारंभ हुई।
श्याम नगर
श्याम नगर, चंद्रपुर — फुटबॉल ग्राउंड में आयोजन।
कोरोना काल में आयोजन
प्रगति नगर, चंद्रपुर — शिव हनुमान मंदिर प्रांगण।
श्याम नगर
श्याम नगर, चंद्रपुर — फुटबॉल ग्राउंड।
श्याम नगर
श्याम नगर, चंद्रपुर — फुटबॉल ग्राउंड।
श्याम नगर
श्याम नगर, चंद्रपुर — फुटबॉल ग्राउंड।
ओम नगर
शिवशक्ति चौक, ओम नगर — श्री श्री शीतला माता मंदिर।
सद्भावना उद्यान
14 फरवरी 2026 — शास्त्रकार लेआउट, सद्भावना उद्यान ग्राउंड, चंद्रपुर।
कार्यक्रम की प्रमुख गतिविधियाँ
बच्चों, अभिभावकों और समाज को जोड़ने वाली विभिन्न गतिविधियाँ।
माता-पिता पूजन
बच्चों द्वारा मंच पर अपने माता-पिता का सम्मानपूर्वक पूजन।
आध्यात्मिक मार्गदर्शन
संत श्री मनीष भाई जी महाराज के मार्गदर्शन से संस्कार एवं आध्यात्मिक संदेश।
प्रेरणादायी मार्गदर्शन
डॉ. सोनिया झाड़ा जी द्वारा बच्चों के लिए प्रेरणादायी एवं व्यक्तित्व विकास संबंधी मार्गदर्शन।
डांस प्रतियोगिता
बच्चों को अपनी प्रतिभा दिखाने और मंच पर आत्मविश्वास विकसित करने का अवसर।
संगीत एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम
बच्चों की संगीत एवं सांस्कृतिक प्रतिभाओं को प्रोत्साहन।
शहीदों को श्रद्धांजलि
प्रत्येक वर्ष देश के वीर शहीदों को श्रद्धापूर्वक नमन।
बच्चों का सम्मान
बच्चों को ट्रॉफी एवं संस्था की ओर से प्रमाण-पत्र प्रदान कर उनका उत्साहवर्धन।
अतिथि एवं शिक्षक सम्मान
अतिथियों, शिक्षकों, पदाधिकारियों एवं सहयोगियों का स्वागत एवं सम्मान।
प्रसाद एवं महाप्रसाद
बच्चों, अभिभावकों एवं उपस्थित लोगों के लिए प्रसाद एवं आवश्यक व्यवस्थाएँ।
माता-पिता का सम्मान — संस्कार की पहली सीढ़ी
हमारा प्रयास है कि बच्चों के मन में माता-पिता के प्रति प्रेम और सम्मान केवल एक दिन तक सीमित न रहे, बल्कि उनके जीवन का स्थायी संस्कार बने।
जनसहभागिता की झलक
कार्यक्रमों में बच्चों, अभिभावकों, शिक्षकों और नागरिकों की सहभागिता।
संस्कार से राष्ट्र निर्माण तक
“जिस बच्चे के मन में माता-पिता के प्रति सम्मान, संस्कार और राष्ट्र के प्रति प्रेम है, वही बच्चा भविष्य में एक जिम्मेदार नागरिक बनने की दिशा में आगे बढ़ता है।”
— बाल विकास कल्याणकारी फाउंडेशनकार्यक्रम की झलकियाँ
यहाँ बाद में 2019 से 2026 तक के वास्तविक कार्यक्रमों की तस्वीरें और वीडियो जोड़े जाएँगे।
🤝 आप भी इस संस्कार यात्रा से जुड़ें
बच्चों के सर्वांगीण विकास, संस्कार और उज्ज्वल भविष्य के लिए बाल विकास कल्याणकारी फाउंडेशन के प्रयासों से जुड़िए।
संपर्क करें →आँकड़ों संबंधी सूचना: बच्चों तक 70,000+ की संख्या एक अनुमानित संचयी पहुँच है, जो उपलब्ध कार्यक्रम-स्तरीय जानकारी के आधार पर तैयार की गई है। इसे अलग-अलग अद्वितीय बच्चों की संख्या के रूप में नहीं दर्शाया गया है।
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